July 5, 2020

E-cigarette क्या हैं | इसे क्यों ban किया गया?

e cigarette kya hai

E-cigarette kya hai, यह काम कैसे करता हैं, इस से क्या नुकसान हो सकता हैं, क्यों भारत सरकार ने इसे Ban कर दिया. आज हम इसीके बारे में बात करेंगे और जानेंगे इसकी पूरी सच्चाई.  इसके बारे में हम बोहुत लोगो को पता नही होती हैं क्यों की यह chinese सामग्री भारत में आया हुआ कुछ ही दिन हुआ था.

जब की इसकी दुष्परिणाम को देखते हुए भारत के वित्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 18 सितम्बर 2019 को इसका उपयोग, निर्माण, बिक्री, विज्ञापन आदि पर प्रतिबंध लगाया.

E-cigarette को क्यों ban किया गया?

इसलिए ban किया गया क्योंकि DCA (Drugs and Cosmetics Act, 1940) के मुताबिक एक खास तरह का निकोटिन ही smoking के लिए उपयोग कर सकते है. DCA के मुताबिक E-cigarette में उपयोग होने वाला निकोटिन ग्रहण योग्य नही है. यानी कि e-cigarette dangers को देखते हुए इसे ban किया गया है.

E-cigarette kya hai?

E-cigarette एक खास तरह का निकोटीन विकसित करता है, जो आम सिगरेट से बिल्कुल अलग है. DCA के तहद E-cigarette में इस्तेमाल होने वाला निकोटीन आम सिगरेट से अलग प्रकार की है.

e cigarette kya hai
E-cigarette-1

आइए जानते हैं कि E-cigarette में किस तरह का प्रक्रिया होता है और इसका इस्तेमाल किस तरह से किया जाता हैं.

पहले बात करते हैं इसके भिन्न पहलुओं के बारे में- Electronic nicotine delivery systems (ENDS) जिसे E-cigarette कहते हैं. यह एक बैटरी संचालित उपकरण होते हैं. जो इलेक्ट्रिसिटी का इस्तमाल करते हुए शरीर में निकोटीन पहुंचाने के लिए उपयोग करते हैं.

इस ENDS प्रक्रिया को ज्यादा तर E-cigarette में उपयोग किया जाता हैं. इसका गठन बोहुत ही सरल हैं, जो एक आम cigarette की तरह ही दीखता हैं. इसे पिटे समय एक light जल जाता हैं, जिसे पीने वाले को ऐसा लगे की वह एक असली cigarette पी रहा हैं.

E-cigarette meaning?

आसल में e-cigarette एक ऐसा cigarette हैं जो कभि धुआ पैदा नही करता. केवल भाप ही विकसित करते हैं. इसे उत्पन्न करने के लिए एक जगह होता हैं जहा आपको सिर्फ तरल निकोटिन के दो तीन बूंद डालना होता हैं. यह तरल निकोटिन को गर्म करके भाप में परिवर्तन करने के लिए इसके नीचे एक device लगाया जाता हैं. जो इस device से संयुक्त एक Li-ion battery से चलता हैं. इस battery को recharge भी किया जा सकता हैं.

इस प्रकार के E-cigarette पहले china में सन 2004 को बाजार में उपलब्ध हुआ. इस E-cigarette को  बनाने का मूल उद्देश्य था, धूम्र पान करनेवालों को आम cigarette में मजूद तम्बाकू से होनेवाले हानिकारक प्रभावों से बचाना.

E-cigarette dangers

E-cigarette को धूम्र पान की आदत से छुटकारा पाने के लिए उपयोग में लिया जाता हैं. इसके द्वारा अपने शरीर को तम्बाकू से बचाया जा सकता हैं. और इसका एक ही पतिक्रिया पाने के लिए निकोटिन का तरल मिलाया जाता हैं. अब बाजार में ऐसा e-cigarette मिलने लगे हैं जो निकोटिन मुक्त हैं और साथ में अलग अलग स्वाद के साथ.

 e cigarette kya hai
E-cigarette-2

यह e-cigarette की ज्यादा दाम ना होने के कारन 500-1000 रुपये में आसानी से offline/online उपलब्ध हो जाते हैं. जो की आज कल की योवाओ के लिए बहुत आसानी हो जाती हे इसे खरीदने के लिए. यह cigarette निकोटिन/तम्बाकू मुक्त मिलने के कारन, कोई भी पी सकता हैं. इसीका फ़ायदा उठाते हुए हर कोई योवा एक बार पी कर देखना चाहता हैं.

यह cigarette देखने में भी बोहत आकर्षित लगती हैं. अपने आपको अनोखा दिखने के लिए शोक में ही इसे पी रहे हैं. इससे कोई हानि नही होता इसको मानते हुए पी तो रहे हैं पर इस को बनाने का जो उद्देश्य था वह उल्टा हुआ दिखाई दे रहा हैं. इसका यह मतलब हैं की इसके इस्तमाल से लोग cigarette छोड़ नही रहे हैं, बल्कि इसे आजमाने की तयारिया कर रहा हैं. धीरे धीरे एक दिन निकोटिन/ तम्बाकू वाली cigarette की तरफ भी अपना मन बनायेंगे.

E-cigarette ke affects kya hai

इसका उपयोग विश्व भर में किया जा रहा हैं. जो सबसे ज्यादा अमेरिका में इसके शिकार होने का खबर आया हैं. इसके सेवन से बोहुत लोग गंभीर बिमारिओ में फंसे. World Health Organization (WHO) ने भी यह साबित किया की भले ही E-cigarette फेफरे को ज्यादा हानि नही पहुचाता हैं.

पर इसमें इस्तमाल होनेवाले रसायन पदार्थ cancer की कारक बन सकते हैं. इसे इस्तमाल करने से दिल, जिगर, गुर्दे आदि का बड़ा नुकसान हो सकता हैं. इसीलिए इन सब बातो को ध्यान में रख कर भारत सरकार के द्वारा 18 सितम्बर 2019 को E-cigarette के उपर प्रतिबन्ध लगाया गया.


Conclusion: आज का यह लेख आपने पढ़ा e-cigarette kya hai, e-cigarette के नुकसान के बारे में. आपको कोई पूछना हो या बताना हो तो comment करके जर्रूर बताये. हो सके तो social मीडिया पे share जरुए करे. धन्यवाद.   

Shreshtha

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